District Hospital Doctor Accused Of Making A Report With 5 Lakhs – जिला अस्पताल के डॉक्टर पर 5 लाख लेकर रिपोर्ट बनाने का आरोप – NOFAA

District Hospital Doctor Accused Of Making A Report With 5 Lakhs – जिला अस्पताल के डॉक्टर पर 5 लाख लेकर रिपोर्ट बनाने का आरोप

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नोएडा। सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट पर 5 लाख रुपये लेकर गलत रिपोर्ट बनाने का आरोप लगा है। पीड़ित ने सीएमएस को पत्र लिख मामले की जांच की मांग की है। इसके बाद सीएमएस ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। ग्रेनो निवासी शेखर शर्मा ने बताया कि बुधवार को भाई संजीव शर्मा का पड़ोसियों से विवाद हुआ था। आरोपियों ने भाई की जमकर पिटाई की थी। इसमें उसका जबड़ा टूट गया था।
सूचना पर पहुंची ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर ने आरोपी पक्ष से सुविधा शुल्क लेकर भाई की एक्स-रे रिपोर्ट को सामान्य बताया। जब उसने दो निजी अस्पतालों में दोबारा जांच कराई तो जबड़ा टूटा होने की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित ने स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, महानिदेशक स्वास्थ्य, जिलाधिकारी, सीएमओ व भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश शर्मा से शिकायत की।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शनिवार को सीएमएस ने डॉ. निरुपमा आत्रेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की। इसमें वरिष्ठ नेत्र परामर्शदाता डॉ. पंकज त्रिपाठी व परामर्शदाता रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कुसुमलता सागर शामिल रहीं। जांच टीम ने आरोपों को सही पाया। एक्स-रे रिपोर्ट में पीड़ित के निचले जबड़े की हड्डी टूटी मिली है। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच टीम गठित की गई। टीम ने पूर्व में जारी रिपोर्ट को गलत पाया है। इस संबंध में रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है।
जांच की तुलना में नियंत्रण में संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जांच के मुकाबले कोरोना मरीजों की संख्या नियंत्रण में है। अफसरों ने बताया कि सितंबर, अक्तूबर 2020 में संक्रमित होने की दर 6 से 7 फीसदी तक पहुंच गई थी, जो वर्तमान में 0.8 प्रतिशत है। दिसंबर 2020 व जनवरी 2021 में केस तेजी से घटे और कुल जांचों के सापेक्ष कोरोना संक्रमण की दर 0.1 प्रतिशत रह गई। बता दें कि 9 जनवरी के बाद शुक्रवार को एक दिन में सर्वाधिक 26 मामले दर्ज मिल थे। इससे जिले में कोरोना की दूसरी लहर की आशंका जताई जाने लगी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे खारिज किया है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि जिले में कोई दूसरी लहर नहीं है। जांच बढ़ने से कोरोना के मामले बढ़े हैं।

नोएडा। सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट पर 5 लाख रुपये लेकर गलत रिपोर्ट बनाने का आरोप लगा है। पीड़ित ने सीएमएस को पत्र लिख मामले की जांच की मांग की है। इसके बाद सीएमएस ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। ग्रेनो निवासी शेखर शर्मा ने बताया कि बुधवार को भाई संजीव शर्मा का पड़ोसियों से विवाद हुआ था। आरोपियों ने भाई की जमकर पिटाई की थी। इसमें उसका जबड़ा टूट गया था।

सूचना पर पहुंची ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर ने आरोपी पक्ष से सुविधा शुल्क लेकर भाई की एक्स-रे रिपोर्ट को सामान्य बताया। जब उसने दो निजी अस्पतालों में दोबारा जांच कराई तो जबड़ा टूटा होने की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित ने स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, महानिदेशक स्वास्थ्य, जिलाधिकारी, सीएमओ व भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश शर्मा से शिकायत की।

इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शनिवार को सीएमएस ने डॉ. निरुपमा आत्रेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की। इसमें वरिष्ठ नेत्र परामर्शदाता डॉ. पंकज त्रिपाठी व परामर्शदाता रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कुसुमलता सागर शामिल रहीं। जांच टीम ने आरोपों को सही पाया। एक्स-रे रिपोर्ट में पीड़ित के निचले जबड़े की हड्डी टूटी मिली है। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच टीम गठित की गई। टीम ने पूर्व में जारी रिपोर्ट को गलत पाया है। इस संबंध में रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है।

जांच की तुलना में नियंत्रण में संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जांच के मुकाबले कोरोना मरीजों की संख्या नियंत्रण में है। अफसरों ने बताया कि सितंबर, अक्तूबर 2020 में संक्रमित होने की दर 6 से 7 फीसदी तक पहुंच गई थी, जो वर्तमान में 0.8 प्रतिशत है। दिसंबर 2020 व जनवरी 2021 में केस तेजी से घटे और कुल जांचों के सापेक्ष कोरोना संक्रमण की दर 0.1 प्रतिशत रह गई। बता दें कि 9 जनवरी के बाद शुक्रवार को एक दिन में सर्वाधिक 26 मामले दर्ज मिल थे। इससे जिले में कोरोना की दूसरी लहर की आशंका जताई जाने लगी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे खारिज किया है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि जिले में कोई दूसरी लहर नहीं है। जांच बढ़ने से कोरोना के मामले बढ़े हैं।

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