Worker Sold Important Documents Of Health Department In Junk – सफाई कर्मी ने कबाड़ में बेचे स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज – NOFAA

Worker Sold Important Documents Of Health Department In Junk – सफाई कर्मी ने कबाड़ में बेचे स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज

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नोएडा। स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज व स्टेशनरी चोरी कर कबाड़ में बेचने का मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले विभाग के एक सफाई कर्मचारी ने जन्म-मृत्यु कार्यालय में बिना अनुमति के प्रवेश कर करीब दस हजार जन्म व ढाई हजार मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रारूप व स्टेशनरी चोरी कर ली थी और मोरना में एक कबाड़ी को बेच दी। आरोपी सफाई कर्मी को नौकरी से निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सेक्टर-39 स्थित स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जन्म-मृत्यु कार्यालय है, जहां लोग जन्म-मृत्यु से जुड़े अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करते हैं।
यहां से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनने के बाद याचिकाकर्ता को देने के साथ ही एक प्रारूप विभाग अपने पास भी रखता है। इन्हीं प्रारूपों व स्टेशनरी को सफाई कर्मी ने कबाड़ी को बेच दिया। मामला संज्ञान में आते ही विभागीय अफसरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सीएमओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग में नरेश कुमार नामक सफाई कर्मचारी पिछले कई वर्ष से यहां कार्यरत था। कुछ दिन पहले उसने जन्म व मृत्यु कार्यालय से सफाई के दौरान प्रारूप व स्टेशनरी चोरी कर ली।
मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई और प्रारूपों की तलाश शुरू कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय के प्रभारी केके भास्कर, कर्मचारी सुनील व संतोष को निलंबित करने की भी चेतावनी दी। शक के आधार पर तीनों कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारी नरेश से पूछताछ की। सफाई कर्मी से सख्ती बरतने के बाद उसने अपनी गलती मानते हुए सारा राज उगल दिया। सफाई कर्मी की निशानदेही पर कर्मचारियों ने मोराना स्थित कबाड़ी की दुकान से दस्तावेज व स्टेशनरी बरामद कर ली।
खास बात यह है कि उक्त कबाड़ की दुकान से कर्मचारियों को क्षय रोग विभाग के भी तीन बोरे कागजात बरामद हुए। स्टेशनरी करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक की बताई गई है। वहीं सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने सफाई कर्मचारी को नौकरी से निकालकर सेक्टर-39 कोतवाली पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद वह करीब तीन दिन कोतवाली में रहा, फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक सरकारी रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेज को पहले भी कबाड़ में बेचा गया है, जिसकी भनक लगने पर सीएमओ ने आरोपी का पता लगाने के लिए विभाग में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे।

नोएडा। स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज व स्टेशनरी चोरी कर कबाड़ में बेचने का मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले विभाग के एक सफाई कर्मचारी ने जन्म-मृत्यु कार्यालय में बिना अनुमति के प्रवेश कर करीब दस हजार जन्म व ढाई हजार मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रारूप व स्टेशनरी चोरी कर ली थी और मोरना में एक कबाड़ी को बेच दी। आरोपी सफाई कर्मी को नौकरी से निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सेक्टर-39 स्थित स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जन्म-मृत्यु कार्यालय है, जहां लोग जन्म-मृत्यु से जुड़े अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करते हैं।

यहां से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनने के बाद याचिकाकर्ता को देने के साथ ही एक प्रारूप विभाग अपने पास भी रखता है। इन्हीं प्रारूपों व स्टेशनरी को सफाई कर्मी ने कबाड़ी को बेच दिया। मामला संज्ञान में आते ही विभागीय अफसरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सीएमओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग में नरेश कुमार नामक सफाई कर्मचारी पिछले कई वर्ष से यहां कार्यरत था। कुछ दिन पहले उसने जन्म व मृत्यु कार्यालय से सफाई के दौरान प्रारूप व स्टेशनरी चोरी कर ली।

मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई और प्रारूपों की तलाश शुरू कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय के प्रभारी केके भास्कर, कर्मचारी सुनील व संतोष को निलंबित करने की भी चेतावनी दी। शक के आधार पर तीनों कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारी नरेश से पूछताछ की। सफाई कर्मी से सख्ती बरतने के बाद उसने अपनी गलती मानते हुए सारा राज उगल दिया। सफाई कर्मी की निशानदेही पर कर्मचारियों ने मोराना स्थित कबाड़ी की दुकान से दस्तावेज व स्टेशनरी बरामद कर ली।

खास बात यह है कि उक्त कबाड़ की दुकान से कर्मचारियों को क्षय रोग विभाग के भी तीन बोरे कागजात बरामद हुए। स्टेशनरी करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक की बताई गई है। वहीं सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने सफाई कर्मचारी को नौकरी से निकालकर सेक्टर-39 कोतवाली पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद वह करीब तीन दिन कोतवाली में रहा, फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक सरकारी रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेज को पहले भी कबाड़ में बेचा गया है, जिसकी भनक लगने पर सीएमओ ने आरोपी का पता लगाने के लिए विभाग में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे।

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