नोएडा:अगर आपको अपने खाने में हर रोज घी लेने की आदत है, तब यह खबर आपकी आंख खोल देगी। शहर में सक्रिय मिलावट खोर इन दिनों असली कंपनियों के नाम पर बड़े स्तर पर नकली घी बेच रहें है। यह आपके सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हाल ही में इसी प्रकार से नकली घी बनाने वाले एक गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को नगली वाजिदपुर गांव में भंडाफोड़ किया है।
एसटीएफ ने नकली घी बनाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। एसटीएफ और खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर 240 लीटर नकली घी बरामद किया है। यह नामी कंपनियों के नाम से बाजार में बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। जिसकी आड़ में आरोपी लाखों रुपये कमा रहे थे।
घर में काम करने के लिए रखना चाहते हैं हेल्पर तो इन बातों का (nofaa.in)
आरोपी रिफाइंड व वनस्पति मिलाकर घी तैयार करते थे।
एसपी एसटीएफ नोएडा यूनिट राजकुमार मिश्रा ने बताया कि नगली वजीदपुर गांव में नकली घी बनाने की सूचना मिली थी। सूचना पर एसटीएफ और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर रेड किया। रेड के दौरान मुख्य आरोपी विकास कुमार अग्रवाल एक घर में नकली घी बनता हुआ मिला। उनसे लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई दस्तावेज नहीं दे पाए। मौके पर 30 पेटी घी बरामद हुआ। एक पेटी में एक लीटर के 12 डिब्बे थे। डिब्बों पर मदर डेयरी, अमूल, पतंजलि समेत अन्य नामी ब्रांड के रैपर लगाए गए थे। बाजार में यह घी चार सौ रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाता था। फैक्टरी में मुख्य आरोपी विकास कुमार अग्रवाल के अलावा तीन अन्य लोग काम करते मिले।
जिनकी पहचान दीपक निवासी दिल्ली, चंद्रशेखर निवासी आजमगढ़, राजकुमार निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। एसटीएफ ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रिफाइंड और वनस्पति तेल मिलाकर नकली घी बना रहे थे। इसके लिए मेल्टिंग मशीन का प्रयोग करते थे। टीम ने घी बनाने के उपकरण समेत अन्य सामग्री बरामद कर ली है। घी के सैंपल जांच के लिए भेज जाएंगे। एक्सप्रेसवे थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि मामले आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कार्यवाही की जा रही है।
Join us on : Twitter & Facebook
Click below Share this vital information with your loved ones to empower the
Leave a Comment